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एक सितंबर से चलेगा मीजल्स-रूबेला अभियान,छह दिन चलेगा विशेष अभियान, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और आरडब्ल्यूए को जोड़ा जाएगा

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जिलाधिकारी ने विभागों को दिए समन्वय के निर्देश, अभिभावकों को जागरूक करने पर जोर

विजय वर्मा

कानपुर। मीजल्स-रूबेला उन्मूलन के लिए नगर में एक सितंबर से विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। छह दिन चलने वाले इस अभियान में जिले के 13 संवेदनशील क्षेत्रों को हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित कर विशेष फोकस किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के साथ नगर निगम, शिक्षा विभाग और आईसीडीएस समेत विभिन्न विभाग मिलकर अभियान को गति देंगे। स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, व्यापार मंडलों, युवा संगठनों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) की भी इसमें भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

शनिवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में अभियान की तैयारियों की समीक्षा बैठक हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि मीजल्स-रूबेला का उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी अभियान की सफलता का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए स्थानीय समुदाय और विभिन्न सामाजिक संगठनों को सक्रिय रूप से इससे जोड़ा जाए।

स्वास्थ्य विभाग ने जाजमऊ, गोपाल नगर, रावतपुर, गीता नगर, ननकारी, सुजातगंज, विजय नगर, धोबी घाट, अनवरगंज, कंगही मोहाल, बिरहाना रोड, फेथफुलगंज और बेनाझाबर को संवेदनशील हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया है। इन क्षेत्रों में लोगों तक अभियान की जानकारी पहुंचाने के साथ अभिभावकों को बीमारी और टीकाकरण के प्रति जागरूक किया जाएगा। जिलाधिकारी ने स्थानीय स्तर पर प्रभावी संवाद के लिए आरडब्ल्यूए, व्यापार मंडलों, स्कूलों और युवा संगठनों का सहयोग लेने के निर्देश दिए।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी ने बताया कि मीजल्स अत्यधिक संक्रामक बीमारी है और इसका असर मुख्य रूप से बच्चों पर पड़ता है। तेज बुखार, शरीर पर लाल दाने, खांसी, नाक बहना और आंखों में लालिमा इसके प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। गंभीर स्थिति में निमोनिया जैसी जटिलताएं भी हो सकती हैं। वहीं, रूबेला में भी बुखार और शरीर पर दाने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों बीमारियों से बचाव में समय पर टीकाकरण की महत्वपूर्ण भूमिका है।

विशेष अभियान एक, तीन, सात, आठ, 10 और 11 सितंबर को संचालित होगा। निर्धारित तिथियों पर संबंधित विभागों की टीमें सक्रिय रहेंगी और अभियान की नियमित निगरानी की जाएगी। स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से अभिभावकों तक जरूरी जानकारी पहुंचाने के साथ हॉटस्पॉट क्षेत्रों में विशेष जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों को मीजल्स-रूबेला से सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन के साथ समाज की भागीदारी जरूरी है। शिक्षकों, अभिभावकों, व्यापारिक संगठनों, युवाओं और स्थानीय संस्थाओं के सहयोग से अभियान को प्रभावी बनाकर उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। बैठक में अपर नगर आयुक्त अनूप कुमार, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एसपी यादव, जेएसआई प्रतिनिधि हुदा जेहरा, अर्बन नोडल अधिकारी डॉ. कैलाश, डीपीओ आईसीडीएस प्रीति सिंहा, एडीआईओएस प्रशांत द्विवेदी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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